Shree Vishwakarma Chalisa in Hindi

Shree Vishwakarma Chalisa

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Aarati Shree Vishwakarma ji ki

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Vishwakarma Jayanti is celebrated every year on 17 September. The day tomorrow, factories and machines is duly worshiped. For engineers it is a special day. They reveal to their profession of faith. Among the world’s first manufacturer of gadgets, they are God Vishwakarma.

Bholenath damaru, which reliquary, equipment, or of Mammon Pushpak aircraft armor-coil created by all these. Gauri-Shankar Sut Ganesh seated in the heart of every living world. Suky well, chivalry and Riddhi-Siddhi, the giver. Bhadrapad Shuklpaksh Ekadashi from the Ganesh Chaturthi Ganapathy in the country are decorated floats. Ganesh idols are decorated in a household. Publicly held Gneshotsvon is huge. Ganesh is the most celebrated in Maharashtra.

Chaturthi puja ie plaque of pen-ink bottle is worship. The launch of the children’s education is usually given the day. Many monsters, demons who discharge vedavyaas created by Ganesh Srimdbgwat mahApurANa has bound the script.

What to do

Ganesh statue in the house duly He twiceThe evening invocation. Immersion in the river and pond Bhadrapad Ekadashi.

Do Following things

Machines for cleaning and purification after the invocation of the Lord Vishwakarma, to worship and invocation. If possible pause machines this day.

 

vishwakarma kawach

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श्री विश्वकर्मा पुराण
आदि सृष्टि आधार तुम, रचना विविध प्रकार ।
नाथ तुम्हारी कृपा बिनु, केहिं विधि उतरूं पार ।।
हाथ जोड़ विनती करूँ, धरुं चरण पे माथ ।
पूर्ण होय मम कामना, यह वर दीजै कर्तार ।।

जय हो प्रभु श्री विश्वकर्मा जी की

 

श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊँ, चरणकमल धरिध्य़ान ।
श्री, शुभ, बल अरु शिल्पगुण, दीजै दया निधान ।।

सतयुग का ‘स्वर्ग लोक’, त्रेता युग की ‘लंका’, द्वापर की ‘द्वारिका’ और कलयुग के ‘हस्तिनापुर’ आदि के रचयिता विश्वकर्मा जी की पूजा अत्यन्त शुभकारी है। सृष्टि के प्रथम सूत्रधार, शिल्पकार और विश्व के पहले तकनीकी ग्रन्थ के रचयिता भगवान विश्वकर्मा जी ने देवताओं की रक्षा के लिये अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण किया। विष्णु को चक्र, शिव को त्रिशूल, इंद्र को वज्र, हनुमान को गदा और कुबेर को पुष्पक विमान विश्वकर्मा जी ने ही प्रदान किये थे। सीता स्वयंवर में जिस धनुष को श्रीराम ने तोड़ा था, वह भी विश्वकर्मा जी के हाथों बना था। जिस रथ पर निर्भर रह कर श्रेष्ठ धनुर्धर अर्जुन संसार को भस्म करने की शक्ति रखते थे उसके निर्माता विश्वकर्मा जी ही थे। पार्वती के विवाह के लिए जो मण्डप और वेदी बनाई गई थी,वह भी विश्वकर्मा जी ने ही तैयार की थी। विश्वकर्मा जी शिल्पशास्त्र के आविष्कारक और सर्वश्रेठ ज्ञाता माने जाते हैं जिन्होनें देवताओं के सम्पूर्ण विमानों की रचना की और जिनके द्वारा आविष्कार कर शिल्पविद्याओं के आश्रय से सहस्रों शिल्पी मनुष्य अपने जीवन निर्वाह करता है।
बोलो
भगवान श्री विश्वकर्मा जी की____ जय

 

Vishwakarma God History

 

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