Archive for November, 2015

Aarti meaning in marathi

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Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - November 25, 2015 at 12:49 pm

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Shiv Mahimna Stotra meaning in marathi

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2 comments - What do you think?  Posted by admin - November 23, 2015 at 1:00 pm

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Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - November 21, 2015 at 1:10 pm

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Aaarti of Saints

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aarati shree vyas pujechi

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aarti shree shankaracharya

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aarti shree yadnyavalka

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aarti shree sant sadguru Nivruttinatha

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aarati shree dnyaneshwar

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aarati shree sopandev

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aarati sant shree muktabai

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aarati shree sant namdev maharaj

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गुलाब जामुन खाए कौआ, खुश हों शनिदेव

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि अशुभ या नीच स्थान में बैठा हो और अशुभ फल दे रहा हो, तो शनि की सेवा करना आवश्यक हो जाता है। शनिदेव को प्रसन्न करने के कई रास्ते शास्त्रों में बताए गये हैं। शनि को खुश करने के कुछ उपाय इतने सरल हैं, जिन्हें करना हर किसी के लिए आसान होता है। मसलन अगर कौओं को शनिवार के दिन गुलाब जामुन खिलाया जाए, तो शनिदेव की कृपा मिल सकती है।

इसी तरह हाथी की सेवा करने से भी शनि देव से सकारात्मक प्रभाव मिल सकता है। हाथी भी काले रंग का होता है, इसलिए उसकी सेवा करना लाभप्रद माना जाता है। वैसे शनिवार को गरीबों को भोजन कराना भी शनि के अशुभ प्रभाव को दूर करने में फायदेमंद होता है। माना जाता है कि शनिवार के दिन अगर काले कुत्ते को सरसों तेल में चुपड़ी रोटी खिलाई जाय तो शनि देव झट से प्रसन्न हो जाते हैं।

हर शनिवार को शनि देव की प्रतिमा को तेल से स्नान कराएं या एक कटोरी में तेल डालकर उसमें अपना चेहरा देखकर उसे दान कर दें, तो इससे भी शनि देव खुश होते। शनि मंदिर में जाकर शनि चालीसा पढ़ने और दिया जलाने से भी शनि देव के प्रकोप से बचाव होता है। ज्योतिषशास्त्री विनोद त्यागी कहते हैं कि शनिवार के दिन ग्यारह बार दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करने से शनि की साढ़ेसाती एवं ढैय्या के अशुभ फलों में कमी आती है।

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मथुरा जनपद मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर नंदगांव के निकट कोकिलावन में शनिदेव का विशाल मंदिर है। कथानकों के अनुसार द्वापर युग में जब भगवान श्रीकृष्ण नंदगांव गए तो सूर्य के प्रकोप से बचने के लिए शनिदेव ने भगवान कृष्ण के यहां त्राहिमाम किया। शनिदेव का पीछा करते हुए सूर्यदेव भी नंदभवन पहुंच गए। दोनों की बहस सुनने के बाद शनिदेव ने ब्रज में श्रीकृष्ण से स्थान मांगा। श्रीकृष्ण ने शनिदेव को आशीर्वाद दिया और ब्रज में बसने के लिए अनुमति इस शर्त पर दी कि ब्रज में आने वाले कृष्ण भक्त पर उनकी छाया का कोप नहीं होगा।
इस पर तय किया गया कि कोकिलावन में स्थित सूर्य कुंड में स्नान के बाद जो कृष्ण भक्त शनिदेव के दर्शन करेंगे उन्हें शनिदेव की छाया का कोप का भाजन नहीं बनना पड़ेगा। उसके काम में विघभन नहीं आएंगे। इसका उल्लेख गर्ग पुराण में मिलता है। तभी से कोकिलावन के सूर्यकुंड में स्नान कर शनिदेव के दर्शन पूजा-अर्चना का क्रम चल रहा है। साथ ही नवग्रहों में सर्वाधिक प्रभावी ग्रह होने के चलते विशेष पूजा होती है।
शनिवार को आठ जून को शनिदेव की जयंती है। पंडित विनोद शास्त्री व नवीन नागर बताते हैं कि इस दिन सर्व सौभाग्य योग बन रहा है। इस दिन शनिदेव की पूजा-अर्चना से अभीष्ट की प्राप्ति होगी।

 

कर्म फल के स्वामी हैं शनि
शनिदेव को कर्म व फल का स्वामी बताया जाता है। मान्यता है कि अच्छे कर्म करने वाले को अच्छा तथा बुरे कर्म करने वाले को इसका दंड देने के लिए शनिदेव सदैव तत्पर रहते हैं। इसका निर्णय भी शनिदेव अन्य सभी देवों से जल्दी व त्वरित गति से करते हैं। यहीं कारण है कि गलत काम करने से लोग शनिदेव से डरते हैं।
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उज्जैन के राजा विक्रमादित्य की कथा चलन में
शनि के कोप के भाजन बने उज्जैन के राजा विक्रमादित्य की कथा चलन में है। शनिवार का व्रत करने वाले शनिदेव की पूजा के दौरान शनिकथा में विक्रमादित्य पर शनि के प्रकोप व शनि चालीसा का पाठ करते हैं।

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Aloknath Jokes

 funny tweets about alok nath

*दुनिया गांधीजी को महात्‍मा कहा करती थी और गांधीजी आलोक नाथ को महात्‍मा कहा करते थे।

*आलोक नाथ स्‍कूल में नोटबुक ले जाने के बजाए हनुमान चालीसा ले जाया करते थे।

*आलोक नाथ इतने बेटे और बेटियों के पिता हैं कि जब उनके परिवार ने छुट्टियों में जाने का फैसला किया तो उन्‍हें ट्रेन बुक करानी पड़ी।

*आलोक नाथ चाहते हैं कि ट्वीटर में ‘आशीर्वाद’ नाम का भी एक बटन हो।

*गौतम बुद्ध और अशोक विलासी और कामुक जिंदगी जीना चाहते थे, लेकिन फिर उनकी मुलाकात आलोक नाथ से हो गई।

*जब आलोक नाथ आसपास होते हैं तो सलमान खान भी एक अच्‍छे बेटे की तरह बर्ताव करते हैं।

*जब आप गूगल सर्च में आलोक नाथ टाइप करेंगे तो, “I’m feeling Lucky”, “I’m feeling Sanskari” में बदल जाता है।

*स्‍कूल के दिनों में अपनी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए आलोक नाथ ने लेक्‍चर बंक किया था।

*आलोक नाथ ने अपनी जिंदगी में सिर्फ हरिद्वार और परिवार वॉर देखी हैं।

*आलोक नाथ से जब टीचर ने पूछा कि वे बड़े होकर क्‍या बनना चाहते हैं तो उनका जवाब था- मुझे बेटियों का बाबूजी बनना है।

*आलोक नाथ तो ऐसी शख्सियत कि उनकी पत्‍नी भी उन्‍हें भाईसाहब कहती हैं।

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मंगल ग्रह को शुभ बनाना है तो करें यह उपाय

मंगल ग्रह को ज्योतिषशास्त्र में उग्र ग्रह कहा गया है। कुण्डली में इसकी स्थिति अनुकूल नहीं होने पर व्यक्ति क्रोधी होता है। बात-बात में किसी से उलझ पड़ना या चोट लगते रहना अशुभ मंगल की निशानी है। ऎसे लोगों के विवाह में कई अड़चनें आती हैं और वैवाहिक जीवन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि मंगल के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए ज्योतिषशास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। सबसे आसान तरीका तो यह है कि किसी भी मंगलवार के दिन हनुमान जी को लाल रंग का लंगोटा और सिंदूर भेंट कीजिए।

हनुमान जी मंगलवार के स्वामी माने जाते हैं इसलिए मंगल के उपाय में हनुमान जो खुश करने का विधान है। हनुमान जी की कृपा पाने के लिए मंगलवार के दिन व्रत करके शाम के समय बूंदी का प्रसाद बांटने से भी मंगल का अमंगल दूर होता है।

सभी ग्रह के अपने रत्न होते हैं जो ग्रहों की उर्जा को अवशोषित करके अनुकूल स्थिति बनाते हैं। मंगल का रत्न है मूंगा। मंगल को अनुकूल बनाने के लिए मूंगा रत्न धारण किया जा सकता है।

अगर इनमें से कोई उपाय नहीं कर पाते हैं तो कम से कम मंगलवार के दिन लाल कपड़ा पहनिए और सिंदूर का तिलक लगाईए। हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ भी मंगल को शुभ बनाने में सहायक होता है।

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मेंहदीपुर बालाजी की यह 14 बातें जानकर ही जाएं बालाजी के दरबार में

हनुमान चालीसा में एक दोहा है ‘भूत प‌िशाच न‌िकट नहीं आवे महावीर जब नाम सुनावे’। इस दोहे का कमाल देखना चाहते हैं तो आप राजस्‍थान में स्‍थ‌ित मेंहदीपुर बालाजी के दरबार में पहुंचा जाएं। यहां आपको ऐसे व‌िच‌‌ित्र दृश्य नजर आ सकते हैं ज‌िसे देखकर आप एक बार तो डर ही जाएंगे लेक‌िन जहां बालाजी हों वहां डरने की क्या बात है। कारण यह है क‌ि मेंहदीपुर बालाजी के दरबार में पहुंचते ही बुरी शक्त‌ि जैसे भूत, प्रेत, प‌िशाच खुद ही डर से कांपने लगते हैं तो वह आपका क्या बुरा कर सकते हैं।

Mehendipur Balaji - Treatment by para psychology in Mehendipur Balaji pretraj sarkar

मेंहदीपुर बालाजी का यही चमत्कार है क‌ि देश-व‌िदेश से भूत, प्रेत और ऊपरी चक्कर से परेशान व्यक्त‌ि यहां आते हैं। यहां एक प्रेतालय बना हुआ है जहां ऊपरी चक्कर से पीड़‌ित व्यक्त‌ियों का इलाज क‌िया जाता है। इलाज ऐसा नहीं क‌ि कोई मीठी गोली दे दी और सब ठीक हो गया। ज‌िद्दी प्रेतात्मा को शरीर से मुक्त करने के ल‌िए उसे कठोर से कठोर दंड द‌िया जाता है। इस उपचार को देख लें तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएं क्योंक‌ि यह इलाज पुल‌‌िस की क‌िसी थर्ड ड‌िग्री से कम नहीं होती।

Mehendipur Balaji - Treatment by para psychology in Mehendipur Balaji pretraj sarkar

मेंहदीपुर बालाजी के मंद‌िर में भूत-प्रेत का ईलाज और दूसरी मान्यताओं के बारे में जानने से पहले जरा बालाजी के बारे में कुछ खास बातें जान लीज‌िए। बालाजी की बायीं छाती में एक छोटा सा छ‌िद्र है। इससे न‌िरंतर जल बहता रहता है। इनके मंद‌िर में तीन देवता व‌िराजते हैं एक तो स्वयं बालाजी, दूसरे प्रेतराज और तीसरे भैरो ज‌िन्हें कप्तान कहा जाता है।

Mehendipur Balaji - Treatment by para psychology in Mehendipur Balaji pretraj sarkar

बालाजी के मंद‌‌िर की एक और खास बात यह है क‌ि यहां बालाजी को लड्डू, प्रेतराज को चावल और भैरो को उड़द का प्रसाद चढ़ता है। कहते हैं क‌ि बालाजी के प्रसाद का दो लड्डू खाते ही भूत-प्रेत से पीड़‌ित व्यक्त‌ि के अंदर मौजूद भूत प्रेत छटपटाने लगता है और अजब-गजब हरकतें करने लगता है।

मेंहदीपुर की यात्रा करने वाले के ल‌िए न‌ियम है क‌ि यहां आने से कम से कम एक सप्ताह पहले लहसुन, प्याज, अण्डा, मांस, शराब का सेवन बंद कर देना चाह‌िए।

आमतौर पर तीर्थ स्‍थान से लोग प्रसाद लेकर घर आते हैं लेक‌िन मेंहदीपुर से भूलकर भी प्रसाद लेकर घर नहीं आना चाह‌िए। आप चाहें तो वापसी के समय दरबार से जल-भभूति व कोई भी पढा हुआ सामान ला सकते हैं।

आमतौर पर मं‌द‌िर में लोग अपने हाथों से प्रसाद या अन्य चीजें अर्प‌ित करने की इच्छा रखते हैं लेक‌िन यहां अपनी इस इच्छा को मन में ही रखें। क‌िसी भी मं‌द‌िर में अपने हाथ से कुछ न चढाएं।

बालाजी में एक बार वापसी का दरख्वास्त लगाने के बाद ज‌‌ितनी जल्दी हो सके वहां से न‌‌िकल जाएं।

बालाजी जाएं तो सुबह और शाम की आरती में शाम‌िल होकर आरती के छीटें लेने चाह‌िए। यह रोग मुक्त‌ि एवं ऊपरी चक्कर से रक्षा करने वाला होता है।

बालाजी जाएं तो वापसी के समय यह देख लें क‌ि आपकी जेब, थैले या बैग में खाने-पीने की कोई चीज नहीं हो। क्योंक‌ि यह न‌ियम है क‌ि यहां से खाने पीने की चीजें वापस नहीं लानी चाह‌िए।

रजस्वला स्त्रियों को 7 दिनों तक मन्दिर में नहीं जाना चाहिए और ना ही जल-भभूत लेनी चाहिए।

जब तक श्री बालाजी धाम में रहें तब पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें, स्‍त्री प्रसंग से बचना चाह‌िए।

इस बात का ध्यान रखें क‌ि मंद‌िर में जो प्रसाद म‌िले वह स्वयं खाएं। प्रसाद न क‌िसी दूसरे को दें और न क‌िसी दूसरे से प्रसाद लें।

बालाजी के दरबार में पैर फैलाकर नहीं बैठना चाह‌िए। यह भी ध्यान रखें क‌ि यहां वापसी के दरख्वास्त के लड्डू नहीं खाएं।

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छोटा राजन के पास था हनुमान चालीसा

हनुमान चालीसा, रुद्राक्ष की माला के साथ पकड़ा गया था छोटा राजन

आमतौर पर पुलिस जब भी किसी अपराधी के गिरफ्तार करती है तो उसे अपराधी के कब्जे से अवैध हथियार, नशीले पदार्थ या आपत्तिजनक और गैरकानूनी चीजों के साथ पकड़ा जाता है कि लेकिन अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के पास गिरफ्तारी वक्त जो चीजें बरामद हुईं वो चौंकाने वाली हैं।

डीएनए के अनुसार बंदूकों, घातक हथियारों के साथ डरावने अपराध करके खुद को कुख्यात गैंग का सरगना बनाने वाला छोटा राजन इन दिनों आध्यात्मिक रास्ता अपनाने की कोशिश में था।

इस बात का सबूत उन चीजों को लेकर माना जा रहा हे कि जो बाली में उसकी गिरफ्तारी के वक्त उसके कब्जे से मिली थीं। इंडोनेशिया इंटरपोल को छोटा राजन के बैग से कुछ धार्मिक किताबें और चीजें बरामद हुई थीं।

मुंबई पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद उन्हें सूचना मिली थी कि डॉन छोटा राजन बाली एअरपोर्ट से कहीं जा रहा था तभी उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान उसकी तलाशी ली गई तो राजन के बैग से हनुमान चालीसा, दो रुद्राक्ष के माला और 10 लाख की विदेशी मुद्रा बरामद की गई।

अधिकारी ने बताया कि छोटा राजन बाली में गिरफ्तार हुआ तो उसे भारत लाने के लिए मुंबई पुलिस के कुछ अधिकारी भी मौजूद थे।

वहीं मुंबई पुलिस ने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह सीबीआई को छोटा राजन के खिलाफ महाराष्ट्र में दर्ज हुए सारे मामले सौंप दिए गए हैं। इन मामलों से जुड़ी पूछताछ के लिए छोटा राजन को सीबीआई ने 16 नवंबर तक हिरासत में रखा था लेकिन अब ये हिरासत 19 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।

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सासू चालीसा Sasoo Chalisa in Hindi

जय जय जय सासू महरानी हरदम बोलो मीठी वाणी
तुम्हरी हरदम करवय सेवा फल पकवान खिलाउब मेवा

हम पर ज्यादा करो न रोष हम तुमका देवय न दोष
तुम्हरी बेटी जैसी लागी तुम्हारी सेवा म हम जागी

रूखा-सूखा मिल के खाबय करय सिकायत कहू न जावय
पति देव खुश रहे हमेशा उनके तन न रहे क्लेशा

इतना वादा कय लिया माई फिर केथऊ कय चिंता नाही
जीवन अपना चम-चम चमके फूल हमरे आंगन म गमके

जैसी करनी वैसी भरनी तुम जानत हो मेरी जननी
संस्कार कय रूप अनोखा कभौ न होय हमसे धोखा

हसी खुशी जिनगी बीत जाये सुख दुख तो हरदम आये
दोहाः रोग दोष न लगे ई तन मा.जाता रहे कलेश

सासू मॉ की सेवा जो करे खुशी रहे महेश..
बोलो सासू माता की जै,,

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