Archive for August, 2017

Mantra to get back lost things

  • कार्तवीर्यार्जुनोनाम राजा बाहू सहस्रवान |

    तस्य स्मरणमात्रेण गतं नष्टंच लभ्यते ||

kartveeryaarjunonaamraja bahu sahastravan |

tasya smaranmatren gatam nashtamch labhyate ||

If you lost or misplaced any thing, and it does not found even after search then you chant this mantra 21 times and start search. You will definitely get your thing, this is experienced. Of course, if a thing get stolen or things have gone out of home then you will not get that thing. 

Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - August 2, 2017 at 10:31 am

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Mantra for removing poverty

  • ॐ ह्रीं दारिद्रय दहनाय महादेवाय नमः ||

Aum hrim daridrya dahanay mahadevay namah ||

If you chant everyday 1100 times then you will come out of poverty, also do fast on Monday with this chanting of Mantra.

 

  • ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः ||

Aum aim hrim shrim klim mahalakshmyai namah ||

If you chant everyday 1400 times then your poverty will go away.

 

Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - at 10:21 am

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Mantra to get out of problems

Mantra to get out of problems

  • ॐ ह्रीं श्रीं मानससिद्धिकरी ह्रीं नमः ||

Aum hrim shrim manas siddhikari hrim namah ||

If you chant this mantra One Lac twenty five thousand(125000) times in Eleven(11) days then you will get path to get out of problem.

  • ॐ घंटाकर्णो महावीर सर्व उपद्रव नाशनम कुरु कुरु स्वाहा ||

Aum ghantakarno mahaveer sarv upadrav nashanam kuru kuru swaha ||

If you chant everyday 2100 times for 21 days then all problems get solved, and you get solutions for problems.

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Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - at 10:06 am

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Navagraha Stotram How many times

Navagraha Stotra is a very small stotra, you can recite it twice in a minute. This stotra is very effective stotra, Any adverse effects of planets goes away by reciting this Navagrah stotra 27 times in a day. This is the glory of this stotra.

नवग्रह स्तोत्र बहोत छोटा स्तोत्र है, एक मिनिट में आप दो बार इसका पाठ कर सकते है | यह स्तोत्र बहोतही प्रभावी स्तोत्र है, इसका रोज २७ बार पाठ या आवर्तन करने से ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ते | ऐसा इस स्तोत्र का महिमा है |

।। नवग्रहस्तोत्रम् ।।

ॐ जपाकुसुमसंकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम् ।
तमोऽरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोऽस्मि दिवाकरम् ।।१ ।।

दधि-शंख-तुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम् ।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम् ।।२ ।।

धरणीगर्भसंभूतं विद्युत्कांतिसमप्रभम् ।
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम् ।।३ ।।

प्रियङ्गुलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम् ।
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम् ।।४ ।।

देवानां चा ऋषीणां च गुरूं काञ्चनसंन्निभम् ।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम् ।।५ ।।

हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरूम् ।
सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम् ।।६ ।।

नीलाञ्जनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम् ।
छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम् ।।७ ।।

अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम् ।
सिंहिकागर्भसंभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम् ।।८ ।।

पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रहमस्तकम् ।
रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम् ।।९ ।।

इति व्यासमुखोद्गीतं य: पठेत्सुसमाहित: ।।
दिवा वा यदि वा रात्रौ विघ्नशान्तिभविश्यति ।।१० ।।

नरनारीनृपाणां च भवेत् दु:स्वप्ननाशनम् ।।
ऐश्वर्यमतुलं तेषामारोग्यं पुष्टिवर्धनम् ।।११ ।।

ग्रहनक्षत्रजा: पीडातस्कराग्निसमुद्भवा: ।।
ता: सर्वाः प्रशमं यान्ति व्यासो ब्रूते न संशय: ।।१२ ।।

इति श्रीव्यासविरचितं नवग्रहस्तोत्रं संपूर्णम् ।

Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - at 9:24 am

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संकट नाशन गणेश स्तोत्र Sankat Nashan Ganesh Stotra benefits in hindi

Sankat Nashan Ganesh Stotra benefits in hindi

ज्ञान का संवर्धन और बुद्धि को तीव्र करने के लिए गणपति स्तोत्र का पाठ किया जाता है | यह स्तोत्र ८ श्लोकों का बहोतही छोटा स्तोत्र है | १२ साल उम्र के नीचे वाले छोटे बच्चों ने हर साल कम से कम इक्कीस सौ (२१००) पाठ करने चाहिए | इससे उनकी बुद्धि तीव्र होकर उनको उनके अपेक्षा से ज्यादा यश मिलता है | अपेक्षा रहित बुद्धि से सतत इस स्तोत्र का पाठ मन ही मन में करने से गणेश भगवान का दर्शन होता है | और मूलाधार चक्र भी जागृत होता है | भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं, विद्यादाता हैं, धन-संपत्ति देने वाले हैं. इस तरह गौरीपुत्र गणपति जीवन की हर परेशानी को दूर करने वाले हैं. उनकी उपासना करने से आपके सभी संकट मिट जाएंगे. अमीर बनने की चाह रखने वाले हर मनुष्य को अपार धन की प्राप्ति हेतु श्रीगणेश के चित्र अथवा मूर्ति के आगे ‘संकटनाशन गणेश स्तोत्र’ का पाठ 11 बार करना चाहिए।  

प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्र विनायकम् ।
भक्तावासं स्मरेन्नित्यायुष्कामार्थसिद्धये ॥१॥
Prannamya Shirasaa Devam Gauri-Putra Vinaayakam |
Bhaktaavaasam Smaret-Nitya-aayuh-Kaamaartha-Siddhaye ||1||

प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम् ।
तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ॥२॥
Prathamam Vakratundm Cha Ekadantam Dvitiyakam |
Trutiyam Krushna-Pingaaksham Gajavaktram Chaturthakam ||2||

लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च ।
सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्ण तथाष्टमम् ॥३॥
Lambodaram Panchamam Cha Shashtham Vikatmev Cha |
Saptamam Vighnaraajam Cha Dhumravarna Tath ashtamam ||3||

नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् ।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ॥४॥
Navamam Bhaalachandram Cha Dashamam Tu Vinaayakam |
Ekaadasham Gannapatim Dvaadasham Tu Gajaananam ||4||

द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः ।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिश्च जायते ॥५॥
Dvaadashaitaani Naamaani Tri-Sandhyam Yah Pathet-Narah |
Na Cha Vighna-Bhayam Tasya Sarva-Siddhishcha Jaayate ||5||

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥६॥
Vidyaarthi Labhate Vidyaam Dhanaarthi Labhate Dhanam |
Putraarthi Labhate Putraan-Moksharthi Labhate Gatim ||6||

जपेद् गणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासैः फलं लभेत् ।
संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशयः ॥७॥
Japet Ganapati-Stotram Shadbhir-Maasai Phalam Labhet |
Samvatsaren Siddhim Cha Labhate Naatra Samshayah ||7||

संकट नाशन गणेश स्तोत्र म् महत्व | Importance of Sankat Nashan Ganesha Stotram

इस स्त्रोत में नारद जी, श्री गणेश जी के अर्थ स्वरुप का प्रतिपादन करते हैं. नारद जी कहते हैं कि सभी भक्त पार्वती नन्दन श्री गणेशजी को सिर झुकाकर प्रणाम करें और फिर अपनी आयु , कामना और अर्थ की सिद्धि के लिये इनका नित्यप्रति स्मरण करना चाहिए.

श्री गणपति जी के सर्वप्रथम वक्रतुण्ड, एकदन्त, कृष्ण पिंगाक्ष, गजवक्र, लम्बोदरं, छठा विकट, विघ्नराजेन्द्र, धूम्रवर्ण, भालचन्द्र, विनायक, गणपति तथा बारहवें स्वरुप नाम गजानन का स्मरण करना चाहिए. क्योंकि इन बारह नामों का जो मनुष्य प्रातः, मध्यान्ह और सांयकाल में पाठ करता है उसे किसी प्रकार के विध्न का भय नहीं रहता, श्री गणपति जी के इस प्रकार का स्मरण सब सिद्धियाँ प्रदान करने वाला होता है.

इससे विद्या चाहने वाले को विद्या, धना की कामना रखने वाले को धन, पुत्र की इच्छा रखने वाले को पुत्र तथा मौक्ष की इच्छा रखने वाले को मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस गणपति स्तोत्र का जप छहः मास में इच्छित फल प्रदान करने वाला होता है तथा एक वर्ष में पूर्ण सिद्धि प्राप्त हो सकती है इस प्रकार जो व्यक्ति इस स्त्रोत को लिखकर आठ ब्राह्मणों को समर्पण करता है, गणेश जी की कृपा से उसे सब प्रकार की विद्या प्राप्त होती है.

गणेश कुबेर मंत्र

ॐ नमो गणपतये कुबेर येकद्रिको फट् स्वाहा।
यदि व्यक्ति पर अत्यन्त भारी कर्जा हो जाए, आर्थिक परेशानियां आए-दिन दुखी करने लगे। तब गणेशजी की पूजा करने के बाद गणेश कुबेर मंत्र का नियमित रूप से जाप क रने से व्यक्ति का कर्जा चुकना शुरू हो जाता है तथा धन के नए स्त्रोत प्राप्त होते हैं जिनसे व्यक्ति का भाग्य चमक उठता है।

तांत्रिक गणेश मंत्र

ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश।
ग्लौम गणपति, ऋदि्ध पति, सिदि्ध पति। मेरे कर दूर क्लेश।।
यूं तो यह एक तांत्रिक मंत्र है जिसकी साधना में कुछ खास चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। परन्तु रोज सुबह महादेवजी, पार्वतीजी तथा गणेशजी की पूजा करने के बाद इस मंत्र का 108 बार जाप करने व्यक्ति के समस्त सुख-दुख तुरंत खत्म होते हैं। लेकिन इस मंत्र के प्रयोग के समय व्यक्ति को पूर्ण सात्विकता रखनी होती है और क्रोध, मांस, मदिरा, परस्त्री से संबंधों से दूर रहना होता है।

गणेश गायत्री मंत्र

ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।
यह गणेश गायत्री मंत्र है। इस मंत्र का प्रतिदिन शांत मन से 108 बार जप करने से गणेशजी की कृपा होती है। लगातार 11 दिन तक गणेश गायत्री मंत्र के जप से व्यक्ति के पूर्व कर्मो का बुरा फल खत्म होने लगता है और भाग्य उसके साथ हो जाता है।

 

 

 

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