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Lord Ganesha with 5 wifes, only temple in world

इन्दौर एम.पी. में स्थित दुनिया का एक मात्र मन्दिर है, जहाँ गणेशजी, उनकी पाँच पत्नियाँ रिद्धि, सिद्धि, तुष्टि, पुष्टि और श्री, दो पुत्र शुभ, लाभ, दो पोते आमोद, प्रमोद के साथ विराजमान हैं…

A temple in Indore, Madhyapradesh a very unique temple in world, where you will find Lord Ganesha with his 5 wifes Riddhi, Siddhi, Tushti, Pushti and Shree. And his 2 Sons Shubh and Labh and also his Grand-Sons Amod and Pramod.

Lord Ganesha with 5 wifes

2 comments - What do you think?  Posted by admin - September 22, 2015 at 11:05 am

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In front of this Lord Ganesha, anyone has to say truth

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गणेश की इस मूर्ति के सामने बड़े से बड़ा अपराधी भी सच बोल देता है

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भारत में अलग-अलग धर्मों के अनुयायी रहते हैं। सभी धर्मों का इतिहास चमत्कारिक घटनाओं से भरा हुआ है। स्वर्गलोक में बैठे ईश्वर समय-समय पर धरती पर अवतार लेते आए हैं, लेकिन कई बार साक्षात रूप में नहीं बल्कि, प्रतीकात्मक रूप में ही अपने भक्तों को अपने होने का एहसास करवाते रहे हैं।

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कभी ईश्वर अपने भक्त के स्वप्न में आकर किसी विशेष स्थान पर अपने होने का संदेश देते हैं तो कभी इत्तेफाकन ही किसी को भगवान की मूर्ति मिल जाती है जो जीवित प्रतीत होती है। अब आस्था इतनी प्रबलतम होती है कि उस पत्थर की मूर्ति के सजीव होने पर सवालिया निशान भी नहीं लगता और संबंधित स्थान या वह मूर्ति पूजनीय हो जाती है।

भारत में अधिकांश मंदिर किसी ना किसी चमत्कारी घटना के बाद ईश्वर की मूर्ति के प्रकट होने या स्वयं ईश्वर के कहने के बाद ही स्थापित हुए हैं।

ऐसी ही एक मंदिर है आंध्र प्रदेश स्थित कनिपकम विनायक मंदिर। भारत के दक्षिणी प्रांत आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित यह मंदिर भगवान गणेश को समर्पित है, जिसका निर्माण चोल वंश ने 11 शताब्दी में करवाया था इसके बाद विजयनगर के शासकों ने वर्ष 1336 में इसका विस्तार किया।

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मंदिर की स्थापना से जुड़ी एक बहुत ही रोचक कथा प्रचलित है जो ईश्वर के होने का एक बड़ा साक्ष्य भी है। कहते हैं एक बार एक गांव में तीन विकलांग भाई रहते थे। उनमें से एक बधिर, दूसरा मूक और तीसरा दृष्टिहीन था।

भूमि के बहुत छोटे हिस्से पर खेती कर, वे तीनों भाई अपना गुजारा करते थे। जिस कुएं से पानी निकालकर वे खेती किया करते थे उस कुएं का पानी सूख गया, इसलिए वे खेत में पानी नहीं डाल पा रहे थे।

ऐसे हालातों में तीनों में से एक भाई कुएं को और गहरा खोदने के लिए उसमें उतर गया। थोड़ी सी ही खुदाई करने के बाद उस कुएं के अंदर उन्हें पत्थर की मूर्ति मिली। जब उस पर लोहे की छड़ से वार किया गया तो उसमें से रक्त निकलने लगा और देखते ही देखते कुएं का पानी खून की तरह लाल हो गया।

इस अद्भुत दृश्य का साक्षी बनते ही तीनों भाइयों की शारीरिक कमियां दूर हो गईं। जब गांव वालों को इस घटना का पता चला तो वे सभी उस कुएं में मौज़ूद मूर्ति को बाहर निकालने के लिए कुएं की खुदाई शुरू की।

लेकिन भगवान विनायक की यह मूर्ति पानी की लहर में से अपने आप प्रकट हो गई। इस घटना के बाद गांव वालों ने मूर्ति पर नारियल का प्रसाद चढ़ाकर मंगला आरती की। गांववालों ने इस मूर्ति को स्वयंभू विनायक का नाम दिया।

आज भी उस स्थान पर यह स्वयंभू मूर्ति विद्यमान है और इतना ही नहीं उस दिव्य कुएं में भी हर मौसम, हर परिस्थिति में पानी रहता है। बारिश के दिनों में उस कुएं में से पानी बाहर भी बहता है।

इस मूर्ति की महिमा औरइसके चमत्कारिक होने का सिलसिला यहीं समाप्त नहीं होता क्योंकि यह मूर्ति तब से लेकर अब तक अपने आकार को भी बढ़ाती जा रही है। पहले यह बिना आकार का कोई पत्थर था लेकिन अब इसी मूर्ति में आपको पेट और घुटने भी नजर आ सकते हैं।

एक भक्त ने करीब 50 साल पहले इस मूर्ति के नाप का ब्रेसलेट दान किया था, जो पहले इस मूर्ति के हाथ में सही आता था। लेकिन अब वह ब्रेसलेट मूर्ति के हाथ में नहीं आता।

कनिपकम विनायक की यह मूर्ति, दो पक्षों के झगड़े भी सुलझाती है। इस मूर्ति के पास कुएं की ओर मुंह कर विनायक की शपथ लेकर लोग आपसी मसलों को हल करते हैं। स्थानीय लोगों के लिए यहां ली गई शपथ किसी भी कानून या न्याय से बड़ी है।

कहा जाता है कई बार बड़े से बड़ा अपराधी भी इस कुएं में मात्र स्नान कर अपने गुनाह को कुबूल कर लेता है। यही वजह है कि कनिपकम सिद्धि विनायक मंदिर की लोकप्रियता दूरदराज तक फैली हुई है। स्थानीय न्यायालयों में भी मूर्ति की शपथ दिलाकर गवाही लेने का विशेष प्रावधान है।

Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - April 9, 2015 at 1:40 pm

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Meaning of Lord Ganesha Symbolism

 

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Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - March 28, 2015 at 9:56 am

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Lord Vishnu idol symbol meaning

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Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - at 9:16 am

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The Symbolism Meaning of Hindu Deity – Lord Dancing Shiva Nataraja

Lord Dancing Shiva Nataraja – Idol Meaning

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The Symbolism of Hindu Deities - Lord Shiva

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Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - at 8:34 am

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Symbols of Indian Culture – Lord Brahma Idol

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Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - at 8:27 am

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Lord Dattatrey stotram ( Narad Puran )

Shri Dattatrey stotram ( Narad Puran )॥ श्रीदत्तात्रेयस्तोत्रम् ( नारदपुराण ) ॥
|| श्री गणेशाय नमः ||
|| ॐ द्रां दत्तात्रयाय नमः ||
अथ ध्यानम
जटाधरं पांडूरंगं शूलहस्तं कृपानिधिम् ।
सर्वरोगहरं देवं दत्तात्रेयमहं भजे ॥ १॥
अथ न्यासं
अस्य श्रीदत्तात्रेयस्तोत्रमन्त्रस्य
भगवान् नारदऋषिः ।
अनुष्टुप् छन्दः ।
श्रीदत्तपरमात्मा देवता ।
श्रीदत्तप्रीत्यर्थे जपे विनियोगः ॥
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अथ स्तोत्रम
जगदुत्पत्तिकर्त्रे च स्थितिसंहार हेतवे ।
भवपाशविमुक्ताय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ १॥
जराजन्मविनाशाय देहशुद्धिकराय च ।
दिगम्बरदयामूर्ते दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ २॥
कर्पूरकान्तिदेहाय ब्रह्ममूर्तिधराय च ।
वेदशास्त्रपरिज्ञाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ ३॥
-हस्वदीर्घकृशस्थूल, नामगोत्रविवर्जित ।
पञ्चभूतैकदीप्ताय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ ४॥यज्ञभोक्ते च यज्ञाय यज्ञरूपधराय च ।
यज्ञप्रियाय सिद्धाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ ५॥आदौ ब्रह्मा मध्ये विष्णुरन्ते देवः सदाशिवः ।
मूर्तित्रयस्वरूपाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ ६॥

भोगालयाय भोगाय योगयोग्याय धारिणे ।
जितेन्द्रियजितज्ञाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ ७॥

दिगम्बराय दिव्याय दिव्यरूपधरायच ।
सदोदितपरब्रह्म दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ ८॥

जम्बुद्वीपमहाक्षेत्रे मातापुरनिवासिने ।
जयमानसतां देव दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ ९॥

भिक्षाटनं गृहे ग्रामे पात्रं हेममयं करे ।
नानास्वादमयी भिक्षा दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ १०॥

ब्रह्मज्ञानमयी मुद्रा वस्त्रे चाकाशभूतले ।
प्रज्ञानघनबोधाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ ११॥

अवधूतसदानन्द परब्रह्मस्वरूपिणे ।
विदेहदेहरूपाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ १२॥

सत्यरूपसदाचारसत्यधर्मपरायण ।
सत्याश्रयपरोक्षाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ १३॥

शूलहस्तगदापाणे वनमालासुकन्धर ।
यज्ञसूत्रधरब्रह्मन् दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ १४॥

क्षराक्षरस्वरूपाय परात्परतराय च ।
दत्तमुक्तिपरस्तोत्र दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ १५॥

दत्त विद्याढ्यलक्ष्मीश दत्त स्वात्मस्वरूपिणे ।
गुणनिर्गुणरूपाय दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ १६॥

शत्रुनाशकरं स्तोत्रं ज्ञानविज्ञानदायकम् ।
सर्वपापं शमं याति दत्तात्रेय नमोऽस्तुते ॥ १७॥

इदं स्तोत्रं महाद्दिव्यं दत्तप्रत्यक्षकारकम् ।
दत्तात्रेयप्रसादाच्च नारदेन प्रकीर्तितम् ॥ १८॥

॥ इति श्रीनारदपुराणे नारदविरचितं दत्तात्रेयस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

 hindu-god-dattatreya
Dattatreya Stotram Lyrics
1) Jatadharam, Pandurangam,
Shoolahastam Krupanidhim,
Sarvaroga Haram Devam,
Dattatreyam aham Bhaje
My salutations to Dattatreya,
Who is with matted hair,
Who is Lord Vishnu,
Who holds soola in his hand,
Who is store house of mercy,
And who is the panacea for all illness.2) Jagat Utapatti Karthre Cha,
Sthithi Samhara Hethave,
Bhava Pasa Vimukthaya,
Dattatreya NamosthutheMy salutations to Dattatreya,
Who created all the worlds,
Who looks after the worlds,
Who destroys the worlds,
And who grants redemption,
From the bonds of sorrow of domestic life.

3) Jara Janma Vinasaya,
Deha Shuddhi Karaya Cha,
Digambara Daya Moorthe
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dhattatreya,
Who destroys sorrow of birth and old age,
Who cleans our body and soul,
Who wears the directions as cloths,
And who is the lord of mercy.

4) Karpoora Kanthi Dehaya,
Brhma Moorthy Daraya Cha,
Veda Sasthra Parignaya,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Who has a colour of burning camphor,
Who takes up the role of the creator,
And who is master of the holy Vedas.

5) Hruswa Deergha Krutha Sthula,
Nama Gothra Vivarjitha,
Pancha Boothaika Deepthaya,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Who is much beyond, thin, thick, short and tall,
Who cannot be limited by name or caste,
And who shines in the five spirits of the world.

6) Yagna Bhokthre Cha Yagnaya,
Yagna Roopa Daraya Cha,
Yagna Priyaya Sidhaya,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Who is the result of fire sacrifices.
Who is fire sacrifice himself.
Who takes the form of the fire sacrifice,
And who is the saint who likes fire sacrifices.

7) Adhou Brhama Madhye Vishnur,
Anthe Deva Sada Shiva,
Moorthy Thraya Swaroopaya,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Who in the beginning is the creator,
Who in the middle is Vishnu who takes care,
Who in the end is Shiva the destroyer,
And who is the lord who represents the trinity.

8) Bhogaalayaya Bhogaaya,
Yoga Yoyaya Dharine,
Jithendriya Jithagnaya,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Who is the place where pleasure resides,
Who is the pleasures himself,
Who is the great wearer of Yoga,
Who has perfect control of his senses,
And who is greater than any scholar.

9) Brhma Jnana Mayee Mudhra,
Vasthre Cha Akasa Bhoothale,
Prgnana Gana Bhodaya,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Whose stamp is the knowledge of ultimate,
Who wears the sky and earth as his cloths,
And who is the three states of wakefulness,
Sleep and dream.

10) Sathya Roopa Sadachara,
Sathya Dharma Parayana,
Sathyasraya Parokshaya,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Who is truth personified,
Whose conduct is perfect,
Who follows truth as his dharma,
Who depends wholly on truth,
And who is not in visible form.

11) Shoola Hasta Gada Pane,
Vana Mala Sukundara,
Yagna Soothra Dara Brahman,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Who has in his hands he spear and the mace,
Who wears garland of scented flowers of the wild,
And who is the prime executor of fire sacrifices.

12) Datta Vidhyadya Lakshmeesa,
Datta Swathma Swaroopine,
Guna Nirguna Roopaya,
Dattatreya Namosthuthe

My salutations to Dattatreya,
Who is the great knowledge,
Who is the lord of Lakshmi
Who has the form of the soul of Datta
And who has the form with and without properties

Phalasruthi

Sathru Nasa Karam Sthothram,
Jnana Vijnana Dhayakam,
Sarva Papam Samam Yathi,
Dattatreya Namosthuthe.

My salutations to Dattatreya,
Which would destroy my enemies,
Which would give me knowledge of religion and science,
And which would destroy all my sins

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Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - February 10, 2015 at 1:48 pm

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Dashavatar – The Ten Incarnations of Lord Vishnu

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Lord Vishnu is the protector and preserver of the world and restorer of dharma. Dharma means peace and justice – its the order in the universe. Lord Vishnu is in charge of making sure that Dharma prevails in the universe.


“Whenever Dharma, or the situation of law and order, is endangered on this world, I shall incarnate onto this world to re-establish Dharma, law and order and to protect the good people and to destroy the evil elements of the society….Lord Vishnu.

Dashavatar - The Ten Incarnations of Lord Vishnu.
Why Avatars ? – Why not God just appear on this planet and preach what He has to preach or better still why not just restore the right order (like magic), why go through all this effort? Good question…Here is my answer –

When in Avatar, God is like one of us….He is born on this planet, he grows up here and then when the time is right imparts His knowledge upon us. It is always easier to understand and appreciate someone who is one of us, someone who is among us – Its like when as a parent you are trying to teach good things in life to your child, the best way to do this is by example – by living a good life.

It is believed that Lord Vishnu has incarnated himself many times. But its ten of his avatars which has had the maximum effect on human life and these ten avatars are called – ‘Dasha Avatar’ (’Dasha’ means ten in Sanskrit). The ten avatars are:

Matsya – The Fish

Kurma – The Tortoise


Varaha – The Boar


Narsimha – The man lion


Vamana – The Dwarf


Parasurama – The Warrior


Sri Rama – The King


Sri Krishna – The Cowherd


Buddha – The Teacher


Kalki – The Slayer

It can also be said that these avatars represent evolution of human life on earth. This is what the top six avatars mean

Matsya (Fish) – Life starts in water (600 – 400 million years ago)


Kurma (Turtle)–The firstamphibians emerge (100 million years ago)

Varah (Boar) – The first mammals evolve (60 million years ago)

Narasimha (half man – half lion) – Half man half animal appear (30 million years ago)

Vamana (short man) – Homor Erectus, upright yet short and weaponless (5 – 2 million years ago)

Parashurama (Parashu – axe & Rama – name of God) – Bronze age, the coming of Ramapithecus, development of firs weapons such as axe.

Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - November 28, 2013 at 2:59 pm

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Pashupatinath Temple: Lord Shiva’s own home

Be the first to comment - What do you think?  Posted by admin - August 4, 2013 at 1:00 pm

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© 2010 Complete Hindu Gods and Godesses Chalisa and Mantras Collection